गन्ने की खेती कैसे होती है (how sugarcane is cultivated)
गन्ने की खेती बहुत सारे देश में की जाति है और ये एक प्राचलित फल है। ये एक खरीफ फसल है, जिसका मतलब है कि ये मानसून के दौरे में बढ़ोतरी है। इसके लिए निमन स्टेप्स को फॉलो करना होता है:भूमि का चयन: गन्ना उगाने के लिए खेत का चयन करते समय मिट्टी को महत्वपूर्ण माना जाता है। इसी मिट्टी को पूरी तरह से साफ किया जाना चाहिए, जिस्मीन कोई भी फैला ना हो। जिस भी भूमि में गन्ने की खेती की जाती है, उसके 60 सरोकार से 75 संबंध होने चाहिए।
1 बीज का चयन: बीज का चयन करते समय उसकी प्रकृति और उत्पादों के बारे में पूरी जानकारी होनी बीज का चयन करते समय उच्च गुणवत्ता के बीज का ही चयन करना चाहिए।
2 उगाने की तैयारी: खेत में गन्ना उगाने से पहले खेत की तैयारी की जाती है। खेत में ताड़ के धेर को तैयार करके, उज खूब धूल कर लेवलित किया जाता है।
3 बीज की बहार निकासी और बटोरा: बीज की भरी निकासी को सबसे पहले गुणवत्ता वाला बिज ही बटोरा होना चाहिए। सभी बीज एक जैसे पूर्ण नहीं होते हैं, इसलिए उन्हें बेहतर गुणवत्ता के बीजों के साथ मिलकर बटोरा होना चाहिए।
4 खाद की जरूरत: गन्ने के लिए जमीन की सबसे बड़ी मात्रा में जमा किया जाना चाहिए। खाद में मैक्रोकार्बन, पोटैशियम और फॉस्फोरस होना जरूरी है, अन्यथा प्रोटोटाइप से बेहतर पोषण मिल सकता है।
5 पानी की जरूरत: गन्ने की खेती के लिए नामी होना जरूरी है, इसके लिए नियमित रूप से पानी देना चाहिए। पानी देने का सही समय होता है।
6 रोगो की निगरानी: गन्ने की खेती में काई तरह के रोग और कीट आते हैं, जैसे की रेड रॉट, टॉप बोरर, व्हाइट ग्रब, इत्यादि।
7 ऊपर तारिकों के अनुसर की गई गन्ने की खेती से बढ़िया हो सकती है।
गन्ने के अच्छे किस्म वाले बीज (quality sugarcane seeds)
गन्ने के लिए अच्छे क्वालिटी के बीज चयन करना बहुत महात्मा पूर्ण होता है, क्योंकि ये फसल लगभाग 9 महीने तक बढ़ता है और उसमें बीजों की क्वालिटी का बहुत अधिक प्रभाव होता है। यहां कुछ अच्छे गन्ना बीज किस्मों के बारे में बताया जा रहा है:
1 Co 86032: ये एक उत्तम गन्ना बीज किस्म है, जिसकी प्रकृति और उत्पाद बहुत अच्छी है। इस बीज की खासियत ये है कि ये तेज गति से बढ़ता है और इसका प्रयोग गुर और शक्कर के उत्पादन के लिए किया जाता है।
2 Co 86025: ये बीज भी बहुत अच्छी प्रकृति और उत्पाद वाली है। ये बीज गुड़ और शक्कर दोनो के उत्पादन के लिए इस्तमाल किया जाता है। इसकी अच्छी खासियत ये है कि ये रोग और कीटोनसे रेसिस्टेंट होती है और बेहतर रोपानी की क्षमता रखती है।
3 सीओ 0238: ये भी एक अच्छा गन्ना बीज है, जिसका प्रयोग गुर, शक्कर और जैव ईंधन के लिए किया जाता है। इसकी खासियत ये है कि ये तेज गति से बढ़ती है और मौसम के परिवर्तन से कम प्रभाव होता है।
4 सीओ 05011: ये बीज भी बहुत अच्छी उत्पादन वाला है, जिसका प्रयोग गुर और शक्कर के उत्पादन के लिएकिया जाता है। इसकी खासियत ये है कि ये बहुत तेज गति से बढ़ती है और अधिक मौसमी परिवर्तन से कम प्रभावित होता है। क्या बीज के पौधे बड़े होने पर बहुत सुंदर दिखता है।
Co 1148: ये बीज भी बहुत अच्छा है और गुर और शक्कर के उत्पादन के लिए इस्तमाल किया जाता है। इसकी खासियत ये है कि ये तेज गति से बढ़ता है और बहुत ज्यादा रोपानी की क्षमता रखता है।
सीओ 0237: ये बीज भी बहुत अच्छा है और गुर, शक्कर और बायोफ्यूल के लिए प्रयोग किया जाता है। इसकी खासियत ये है कि ये तेज गति से बढ़ता है और मौसमी परिवर्तन से कम प्रभावित होता है। क्या बीज में रोग और प्रबंधन के लिए गया रिसर्च भी बहुत अच्छा है
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