गाय का निबंध
गाय एक प्रसिद्ध घरेलू पालतू जानवर है।जिससे दूध का सेवन करने के लिए पाला जाता है। गाय को तैयार होने मे 2 से 2•5 बर्ष का समय लगता है। और एक गाय को पाने के लिए 6 बाय 6 स्थान होना चाहिए। जिस गाय की लंबाई 6 से 7 फुट तक और चौड़ाई 2 से 3 फुट होती है। और गाय का बजन लगभग 5 से 6 कुंटाल तक होती है। गाय के दो कान और चार पैर होते है।और गाय के चार थन होते है। और दो आंख, एक नाक और दो सिग,एक पुछ होते है। गाय एक दिन मे 10 kg का भोजन करता है। और 1 दिन में देसी गाय 8 से 9 लीटर दूध देती है। एक गाय 9 महीने और 270 दिन में एक बच्चे का जन्मदिन और गाय का दूध का सेवन करने से स्वास्थ्य अच्छा बना रहता है। बच्चों के लिए गाय का दूध सबसे अच्छा माना जाता है।
साहिवाल गाय
साहिवाल भी गायों की तरह ही एक गाय की नस्ल है।साहीवाल गाय एक प्रसिद्ध घरेलू पाली जाने वाली। गाय हैं। इसका कलर लाल रंग का होता है। सीधी गायों की श्रेणी में आती है। इसका दूध अच्छी क्वालिटी का होता है। साहिवाल गाय ज्यादा दूध देने वाले गायों की श्रेणी में आता है। किसके दूध में फैट की मात्रा भी अधिक होती है। साहिबान गाय को पाने के लिए अच्छी गाय हैं। साहीवाल गाय साहिवाल गाय की पाचन क्रिया मजबूत होती है और यह स्वस्थ रहती है। साहीवाल गाय। 9 महीने तक तो देती है और उसके बाद। प्रेग्नेंट के समय। कुछ समय के लिए दूध बंद करती है। साहीवाल गाय 9 महीने 300 में एक बच्चे को जन्म देती है। साहिवाल गाय की नस्ल भारत में यूपी बिहार, पंजाब, के स्थान पर अधिक पाई जाती है। साहीवाल गाय में गर्मी बर्दाश्त करने की क्षमता अधिक होती है। जैसे या बीमार भी नहीं होते है।
गीर गाय
गिर भारत के एक प्रसिद्ध दुग्ध पशु नस्ल है। यह गुजरात राज्य के गिर वन क्षेत्र और महाराष्ट्र तथा राजस्थान के आसपास के जिलों में पायी जाती है। यह गाय अच्छी दुग्ध उत्पादताकता के लिए जानी जाती है।इस गाय के दूध में सोने के तत्व पाए जातें हैं जिससे रोगप्रतिरोधक क्षमता का विकास होता है।
इस गाय के शरीर का रंग सफेद, गहरे लाल या चॉकलेट भूरे रंग के धब्बे के साथ या कभी कभी चमकदार लाल रंग में पाया जाता है। कान लम्बे होते हैं और लटकते रहते हैं। इसकी सबसे अनूठी विशेषता उनकी उत्तल माथे हैं जो इसको तेज धूप से बचाते हैं। यह मध्यम से लेकर बड़े आकार में पायी जाती है। मादा गिर का औसत वजन 385 किलोग्राम तथा ऊंचाई 130 सेंटीमीटर होती है जबकि नर गिर का औसतन वजन 545 किलोग्राम तथा ऊंचाई 135 सेंटीमीटर होती है। इनके शरीर की त्वचा बहुत ही ढीली और लचीली होती है। सींग पीछे की ओर मुड़े रहते हैं।
यह गाय अपनी अच्छी रोग प्रतिरोध क्षमता के लिए भी जानी जाती है। यह नियमित रूप से बछड़ा देती है। पहली बार 3 साल की उम्र में बछड़ा देती है
गिर गायों में थन अच्छी तरह विकसित होते हैं। यह गाय प्रतिदिन 12 लीटर से अधिक दूध देती है। इसके दूध में 4.5 प्रतिशत वसा होती है। गिर का एक बियान में औसत दुग्ध उत्पादन 1590 किलोग्राम है। ये पशु विभिन्न जलवायु के लिए अनुकूलित होते हैं और गर्म स्थानों पर भी आसानी से रह सकतें हैं।
जर्सी गाय
जर्सी ( Jersey) - इस गाय का मूल स्थान इंग्लैण्ड के पास जर्सी द्वीप समूह इंग्लिस चैनल में है। इस गाय का रंग हल्का पीला जिस पर सफेद रंग के चित्ते होते हैं। तथा कभी कभी इनका रंग हल्का लाल या बादामी भी होता है। जर्सी गाय अच्छा दूध देने बाली नस्ल है। एक 350 दिन ब्यांत में जर्सी की औसत दूध पैदावार 4000 लीटर एवं उसमें 5.3% बसा पाया जाता है। जर्सी गाय 23-24 माह की आयु में पहला बच्चा देती है। जर्सी का शरीर अच्छा बिकसित एवं चुस्त होता है। इस नस्ल के सींग छोटे अन्दर की ओर झुके हुऐ, नथुने बडे होते हैं। जर्सी गाय का सिर छोटा, पीठ एवं कन्धा एक लाइन में होते हैं। जर्सी गाय का बजन 350-400 किग्रा होता है।
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